सुपौल, जुलाई 12 -- किशनपुर, एक संवाददाता। नेपाल से छोड़े गए पानी के बाद एक बार फिर कोसी नदी उफान पर है। रविवार को कोसी बराज से करीब 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके साथ ही तटबंध के भीतर बसे गांवों में कटाव का खतरा गहरा गया है।

कटाव का खतरा नदी का दबाव इस बार पूर्वी दिशा में रहने से दिघिया, दुबियाही, मौजहा, सुजानपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों पर संकट मंडराने लगा है। कई स्थानों पर कटान शुरू हो जाने से लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव निरोधी कार्य नहीं कराया गया तो कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। लोग अपने घर, खेती और मवेशियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

ग्रामीणों की चिंताएँ उपजाऊ कृषि भूमि के कटाव से किसानों की फसलें भी नदी में समाने लगी हैं। मौजहा ग...