सुपौल, जून 4 -- सुपौल, नवीन कुमार। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब कोर्ट से जमीन संबंधी मुकदमा जीतने वाले या डिक्री प्राप्त करने वाले लोगों को अंचल कार्यालयों के लंबे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह भी पढ़ें- अब गांव में ही मिलेगी राजस्व सेवा, विभाग ने तय की नई कार्यशैलीपुरानी प्रक्रिया की समस्याएं पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर ऑनलाइन, समयबद्ध और पारदर्शी बना दिया गया है। अब तक स्थिति यह थी कि न्यायालय से फैसला या पारिवारिक बंटवारे के आधार पर डिक्री मिलने के बाद भी लोग महीनों तक दाखिल-खारिज के लिए अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाते थे।नई व्यवस्था की उपयोगिता मैनुअल प्रक्रिया, कागजी कार्रवाई की जटिलता, ज...