सुपौल, अगस्त 11 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की रफ्तार बढ़ी तो इसकी बड़ी कीमत पेड़ों को चुकानी पड़ी। पिछले पांच वर्षों में जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण व निर्माण की जद में 20 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने की बात सामने आ रही है। इनमें एनएच-27, एनएच-106 के अलावा विभिन्न राज्य राजमार्गों के किनारे लगे पेड़ भी शामिल हैं। यह भी पढ़ें- Ara News: भोजपुर : सड़क किनारे छह साल में लगे 2.04 लाख पौधे पर नष्ट भी हो रहे पेड़ों की कटाई का प्रभाव सड़कें चौड़ी हुईं, आवागमन सुगम हुआ, लेकिन कटे पेड़ों के एवज में उतनी ही मजबूती से हरियाली लौटाने की कोशिश नहीं दिख रही है। पेड़ों की कटाई के बदले नियमानुसार क्षतिपूरक पौधरोपण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से वन विभाग को...