भागलपुर, मार्च 25 -- सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता लोक आस्था का महापर्व चैती छठ बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। 22 मार्च को नहाय-खाय से यह पर्व शुरू हुआ था। बुधवार को छठ व्रतियों ने रवियोग में भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद घाट की पूजा कर 36 घंटे का निर्जला व्रत तोड़ा। चार दिवसीय छठ महापर्व के अंतिम दिन छठी मइया और भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना करते हुए व्रतियों ने सुख, समृद्धि, शांति, निरोगी काया का आशीर्वाद मांगा। जिलेभर में घाटों और तालाबों में व्रतियों ने संयम व कतारबद्ध होकर अर्घ्य दिया। पारण के बाद श्रद्धालुओं ने व्रतियों से भगवान का प्रसाद मांगा। प्रसाद में आटा-गुड़ से तैयार ठेकुआ, मौसमी फल, चावल के लड्डू, ड्राइफ्रूट, पान का पत्ता, नारियल आदि व्रतियों ने बांटे।घाट पर अल सुबह पहुंचे श्रद्धालुभगवान भास्कर ...