सुपौल, मार्च 21 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। 15 मार्च के रात की घटना के बाद शहर में पसरी गंदगी को लेकर मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा का दर्द शुक्रवार को प्रेस वार्ता में खुलकर सामने आया। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों की हड़ताल से हालात इतने बिगड़ गए कि "लोगों की परेशानी देखकर आत्मा रो उठती थी।" शहर कचरे के ढेर में तब्दील हो गया था और आमजन त्राहिमाम कर रहे थे। मुख्य पार्षद ने बताया कि हालात सामान्य करने के लिए लगातार पार्षदों, कार्यपालक पदाधिकारी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बातचीत की गई। अधिकारी द्वय ने आश्वस्त किया कि सुरक्षा के साथ सम्मान मिलेगा, इसके बाद पहल रंग लाई। हालांकि 15 मार्च की रात थाना गेट पर कचरा गिराने की घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि इसको लेकर संबंधित कर्मी को फटकार लगाई गई और व्यक्तिगत जवाबदेही लेते हुए कुछ ही म...
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