सुपौल, मई 18 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। अनुमंडल क्षेत्र के कुकुरधरी गांव में आजादी के सात दशक बाद भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। एक तरफ बिहार में विकास और ग्रामीण सड़कों के निर्माण के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन कुकुरधरी गांव की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयान कर रही है।

सड़क की जर्जर स्थिति अनुमंडल क्षेत्र की पिलुआहा सीमा से कुकुरधरी गांव तक जाने वाली करीब एक से डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर है। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक इस सड़क का पक्कीकरण नहीं हो सका है, जबकि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण का वादा जरूर करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि चुनाव के समय नेता गांव पहुंचकर सड़क बनवाने का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे भी भूल जाते हैं। सड़क की स्थिति ऐसी है कि बरसात के दिनों में यह पूरी तरह की...