भदोही, जून 4 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु से तापक्रम में वृद्धि होता जा रहा है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही बारिश भी कम होने की संभावना प्रतीत हो रहा है। छह वर्ष पूर्व भी सामान्य से कम बारिश होना दर्ज हुआ था। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. भारतेंदु द्विवेदी ने बताया कि असामान्य तापक्रम में वृद्धी के लिए सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना को जिम्मेदार दर्शाया जा रहा है। सुपर अल नीनो एक अत्यन्त विनाशकारी वैश्विक जलवायु घटना है, जो प्रशांत महासागर की सतह को तापमान सामान्य या उससे अधिक बढ़ने के कारण पैदा होती है। यह भी पढ़ें- मॉनसून पर संकट के बादल, शुरू होने वाला है अल नीनो का खतरनाक दौर; भारत पर भयंकर असर भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर हो...