वाराणसी, जून 10 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। सुपर अल-नीनो वर्ष 2026 में जलवायु स्मार्ट कृषि की जरूरत पर बुधवार को बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। 'सुपर एल-नीनो वर्ष 2026 में धान की सीधी बुवाई एवं वैकल्पिक फसलें' विषयक कार्यशाला में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने घटते भूजल स्तर और वर्षा में अनिश्चितता को कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय वृद्धि, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने धान की सीधी बुवाई तकनीक को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे जल, समय एवं लागत की बचत के साथ कृषि उत्पादन प्रणाली अधिक जलवायु-अनुकूल बन सकती है। यह भी पढ़ें-...