झांसी, जून 23 -- झांसी। मानसून कमजोर या देर से आने की संभावना सुपर अलनीनो के कारण जाहिर हो रही है। ऐसे में किसान को बेहद सतर्कता बरतनी होगी जिसमें चुने हुए बीजों का चयन करके ही बुआई करनी होगी। जानकार मानते है कम बारिश में भी मोटे अनाज बुंदेलखंड क्षेत्र में वरदान जैसे बन सकते। यह कम पानी में होंगे और किसानों को दाम भी अच्छा दिलाएंगे। वर्ष 2026 में संभावित सुपर अल नीनो की आशंकाओं के बीच बुंदेलखंड के किसानों के लिए मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय कृषि वैज्ञानिक डॉ. रूमाना खान ने किसानों से खरीफ सीजन में ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा और रागी जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने की अपील की है।

जलवायु वैज्ञानिकों की रिपोर्ट डॉ. खान ने बताया कि जलवा...