नई दिल्ली, जुलाई 31 -- हरबंश दीक्षित,विधि विशेषज्ञ नीट-यूजी पेपर लीक मामले में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन कर दिया गया है। यह निर्णय न्याय व्यवस्था में जनविश्वास को सुदृढ़ करने की महत्वपूर्ण पहल है। जब लाखों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर हो, तब न्याय का समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी होना लोकतांत्रिक शासन की विश्वसनीयता को नई शक्ति प्रदान करता है। फास्ट ट्रैक अदालतों का मूल दर्शन भी यही है। भारतीय न्याय व्यवस्था लंबे समय से न्यायिक विलंब की चुनौती का सामना कर रही है। राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड के अनुसार, देश की विभिन्न अदालतों में पांच करोड़ से अधिक मुकदमे लंबित हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि जनहित और राष्ट्रीय महत्व के संवेदनशील मामलों के लिए ऐसी न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध हो, जो गति, दक्षता और विश्वसनीयता के साथ कार्य कर सके।...