रांची, जुलाई 17 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने कॉमर्शियल कोर्ट में लंबित मध्यस्थता मामले की अंतिम सुनवाई टालने की कोशिश पर कड़ा रुख अपनाते हुए होप हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यह याचिका न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और केवल मामले की सुनवाई में देरी करने के उद्देश्य से दायर की गई है। हाईकोर्ट ने कंपनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि कॉमर्शियल कोर्ट ने 10 अप्रैल 2026 को केवल अंतरिम (एड-इंटरिम) राहत दी थी, अंतिम आदेश नहीं। उस आदेश में स्पष्ट किया गया था कि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही मामले का अंतिम निर्णय होगा। साथ ही प्रार्थी को कार्यवाही में सहयोग करने और अनावश्यक स्थगन नहीं लेने की शर्त भी लगाई गई थी। हाईकोर्...