हाथरस, मई 1 -- हिन्दुस्तान खास हाथरस, हिन्दुस्तान संवाद। वाहनों में ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए परिवहन विभाग के पास एक भी डेसिबल मीटर नहीं है। अफसर कान से सुनकर हूटरों, सायरनों, हॉर्न के मानाकों का पता लगा रहे हैं। डेसिबल मीटर न होने से अधिकत्तर कार्रवाई मॉडीफाई साइलेंसर तक सीमित है। ध्वनि प्रदूषण की जांच के लिए उपकरण न होने के चलते जांच हवा में की जा रही है। बीते दिनों तीस बुलेंट बाइकों के चालान कर सत्तर हजार रुपये हासिल किया। यह भी पढ़ें- यातायात नियम उल्लंघन पर एक वाहन सीज, 189 के चालानध्वनि जांचने वाले उपकरणों की कमी भले ही हाथरस जिला बनने के बाद आज भी ध्वनि जांचने वाले उपकरणों की की कमी है। बीते दिनों ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने का आदेश शासन से आया। इसके बाद एआरटीओ ने मॉडीफाई साइलेंसर के नाम पर सत्तर हजार रुपये के चालान कर दिए। लेकिन ...