मुरादाबाद, फरवरी 9 -- मुरादाबाद। लाजपत नगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित श्री राधे राधे ने सुदामा प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा मित्रता भगवान कृष्ण और सुदामा जैसी ही होनी चाहिए। जिसमें केवल भाव थे। भेदभाव का कोई स्थान नहीं था। यह सच्चा मित्रता समर्पण से ही संभव है। यह मित्रता आज भी संभव है। मगर इसके लिए एक-दूरे के प्रति समर्पित रहना पड़ेगा। अंत में आरती के बाद भंडारा आरंभ किया गया। व्यवस्था में मुख्य रूप से पंडित मनमोहन तिवारी, संजय अरोड़ा, गौरव अनेजा, काले पहलवान, राजीव गुंबर, लवी अरोड़ा, तुषार अग्रवाल, शोभित रस्तोगी आदि शामिल रहे।
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