कन्नौज, मार्च 25 -- छिबरामऊ, संवाददाता। ग्राम नादनपुर बलरामपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन आचार्य पंडित विजयकृष्ण त्रिपाठी जी ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को समाज के सामने एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सच्ची मित्रता में न कोई भेदभाव होता है और न ही ऊंच-नीच का स्थान होता है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होती है। आचार्य जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का सात दिनों तक श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से व्यक्ति के जीवन का कल्याण होता है। साथ ही जो लोग इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों का आयोजन करते हैं, वे भी पुण्य के भागी बनते हैं। कार्यक्रम के आयोजक रत्नेश कुमार दुबे, अमित दुबे, सुमित ...