संभल, दिसम्बर 15 -- असमोली ब्लॉक क्षेत्र के श्रीजी चैरिटेबल आई हॉस्पिटल भटपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक पं. त्रिशान्त कृष्ण शास्त्री ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए। कथा वाचक ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सुदामा जी जितेन्द्रिय, त्यागी और भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र थे। वे भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन घोर गरीबी के बावजूद सदैव भगवान के स्मरण में लीन रहते थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर सुदामा जी अपने मित्र द्वारकाधीश श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। जब द्वारपाल ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदामा के आगमन की सूचना दी, तो श्रीकृष्ण नंगे पांव दौड़कर आए और अपने मित्र ...