देहरादून, जून 16 -- देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता श्री कालिका माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर श्रोता सुदामा चरित्र सुनकर भाव विभोर हो गए। कथा में बताया गया कि सुदामा एक श्रेष्ठ ब्राह्मण थे, जिनका भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम था और जो संतोषपूर्वक जीवन यापन करते थे। उनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे द्वारका में श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचे, जहां भगवान ने अपने मित्र का प्रेमपूर्वक स्वागत कर उनकी दरिद्रता दूर कर उन्हें समृद्धि प्रदान की। यह भी पढ़ें- पुरुषोत्तम मास के समापन पर कालिका माता मंदिर में यज्ञकथा का संवाद कथा के दौरान सुखदेव और राजा परीक्षित के संवाद का भी वर्णन किया गया। बताया गया कि अंतिम उपदेश में जब सुखदेव ने परीक्षित से कहा कि मृत्यु निश्चित है, तब राजा ने उत्तर दिया कि शरीर नश्वर है, लेकिन गुरु...