सुदामा चरित्र व श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग के साथ कथा का समापन
बुलंदशहर, मई 27 -- नगर के मोहल्ला गोकुलगंज में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन बरसाने से आए कथा व्यास पंडित बृज बिहारी महाराज ने सुदामा चरित्र एवं भगवान श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।महाराज ने बताया कि सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता त्याग, प्रेम और समर्पण की अनुपम मिसाल है। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग का मनमोहक वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रमुख रूप से आठ विवाह हुए थे, जिन्हें अष्टभार्या कहा जाता है। इनमें रुक्मिणी, सत्यभामा, जामवंती, कालिंदी, मित्रविंदा, नाग्नजिति, भद्रा और लक्ष्मणा शामिल हैं। यह भी पढ़ें- कथा में रुक्मणि विवाह का किया वर्णन महाराज ने कहा कि यह प्रसंग भगवान की करुणा, संरक्षण और सम्मान की भावना को दर्शाता है...
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