सुल्तानपुर, अप्रैल 16 -- बल्दीराय, संवाददाता। बल्दीराय तहसील क्षेत्र अंतर्गत बरसावां गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास श्याम सारथी जी महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज ने बताया कि सुदामा जी जितेंद्रिय एवं भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र थे, जो भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। अत्यंत गरीबी के बावजूद वे सदैव भगवान के ध्यान में लीन रहते थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर जब सुदामा जी द्वारका पहुंचे तो द्वारपाल द्वारा सूचना मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण नंगे पैर दौड़कर अपने मित्र से गले मिल गए। मित्र की दीन दशा देखकर उनकी आंखों से अश्रुधारा बहने लगी। यह भी पढ़ें- श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन रास पंचायत और गोपी लीला का वर्णन भगवान ने सुदामा को सिंहासन पर ...