मथुरा, अप्रैल 1 -- बलदेव। परशुराम चौराहा स्थित शांति सेवा सदन में चल रही श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन पांडाल भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। अंतिम दिन कथा सुनने को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। व्यास चन्द्रकान्त शास्त्री ने सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित व गोलोक गमन के प्रसंगों का भावुक वर्णन किया। सुदामा एवं श्रीकृष्ण की सच्ची मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रोता भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि सुदामा चरित्र निष्काम भक्ति एवं सच्ची मित्रता का संदेश देता है। इस दौरान मोहन पाठक, छोटे लाल तिवारी, कालीचरण उपमन्यु, माधव तेहरिया, अनुज उपमन्यु, शिवा उपाध्याय, खोना गुरु, डॉ विवेक, रामेश्वर प्रधान, माधव गोकुलेश पंडित, छोटू तेहरिया, सूरज उपाध्याय, बलराम शर्मा, राजा शर्मा, जितेंद्र कुमार, बंशी ने रजत मुकुट व माल्यार्पण कर व्यासपीठ का सम्मान किया। आरती रामकिश...