हापुड़, जनवरी 31 -- श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के सातवें दिन सुदामा चरित्र की कथा सुनकर भक्तों की भीड़ ने धर्म के बताए सद्मार्ग पर चलते हुए दीन दुखियों की हरसंभव मदद करने का संकल्प लिया। महाभारत में रानी द्रौपदी की सैरगाह रही पुष्पावती पूठ गंगानगरी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में महिला बच्चों समेत सैकड़ों भक्तों की भीड़ जुटी। व्यास पंडित रामकृष्ण दास महाराज ने सुदामा चरित्र की कथा का बड़ा वर्णन करते हुए कहा कि अगर मित्रता सच्ची और निस्वार्थ हो तो वह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के अटूट प्रेम को दर्शाती है। सच्चा मित्र वह होता है जो हर दशा में बिना किसी स्वार्थ के मित्र के साथ खड़ा रहे। आज का युवा झूठी मित्रता में फंसकर तरह-तरह के कुकर्म में उलझता जा रहा है। अपने आप को अच्छा बनाने और सामाजिक कुरीतियों से बचने को बड़ा संभल कर चलना पड़ता ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.