सिद्धार्थ, नवम्बर 29 -- बिस्कोहर। बिस्कोहर नगर पंचायत के फूलपुर राजा में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन गुरुवार रात कथा व्यास आचार्य रामजस दास ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। कहा कि गुरु के प्रति छल और मित्र के साथ कपट करने वाला व्यक्ति जीवन में दरिद्रता का भागी बनता है। उन्होंने बताया कि आश्रम में शिक्षा के दौरान सुदामा ने गुरु द्वारा दिए गए चने अकेले खा लिए थे, जिसके कारण उन्हें दरिद्रता का फल भोगना पड़ा। कथा व्यास ने बताया कि जब सुदामा ने अपनी पत्नी को कृष्ण के साथ अपनी बचपन की मित्रता के बारे में बताया तो पत्नी ने जीवनयापन के लिए कृष्ण से मदद लेने की सलाह दी। पत्नी के आग्रह पर सुदामा द्वारिका गए। वहां भगवान कृष्ण ने बचपन के मित्र को देख भावविह्वल होकर उनका आत्मीय सम्मान किया और प्रेम...
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