सिद्धार्थ, मार्च 24 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के धनुवाडीह उर्फ हजिरवा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार की रात अयोध्या से आए कथावाचक आचार्य रवि शंकर शास्त्री ने श्रीकृष्ण व सुदामा चरित्र से जुड़े प्रसंग का वर्णन किया। इसे सुनकर मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो गए।कथावाचक ने कहा कि सुदामा की पत्नी जानती थी कि द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण सुदामा के बहुत अच्छे मित्र हैं, इसलिए सुदामा की पत्नी अपनी गरीबी से तंग आकर छुटकारा पाने के लिए सुदामा को जिदकर भगवान श्रीकृष्ण के पास सहायता मांगने भेजती है। सुदामा श्रीकृष्ण से मदद लेना नहीं चाहते थे, फिर भी सुदामा मीलों पैदल चलकर द्वारिका नगरी पहुंचते हैं। जहां उनकी दयनीय स्थिति को देखकर द्वारपाल मुख्य द्वार पर उन्हें रोकने के बाद महल के अंदर जाकर श्रीकृष्ण को सुदामा के बारे में बत...