मुरादाबाद, नवम्बर 13 -- बाबा झारखंडी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा को विश्राम दिया गया। अंतिम दिन कथा व्यास दीदी श्री जी ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थ थी। इसी लिए जीवन भर रही। सच्ची मित्रता ऐसी ही होती है। आज के लोगों की मित्रता स्वार्थ पर आधारित होती है। इसीलिए लंबी नहीं चलती। हवन हुआ और भंडारा किया गया। व्यवस्था में महंत भोले नाथ सहित अमित गोस्वामी, गोलू, रेखा रानी, मनोरमा दुबे,राधेश्याम,प्रदीप शर्मा आदि रहे।
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