सुदामा-कृष्ण चरित्र सुन श्रोताओं की आंखें हुईं नम
मथुरा, जून 16 -- यमुना किनारे जयश्री लंकेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता की कथा का भावपूर्ण वर्णन हुआ। इसकी मार्मिक कथा सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। व्यास आचार्य सुधांशु महाराज ने दशानन का चरित्र वर्णन कर सुदामा-कृष्ण की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जीवन में जब कष्ट बढ़ जाएं तो घबराना नहीं चाहिए, बल्कि समझना चाहिए कि भगवान आपके निकट आ रहे हैं। उन्होंने ब्राह्मणों को क्रोध से दूर रहने की सीख दी। वहीं श्रीकृष्ण के 16 हजार विवाह का वर्णन कर जीवन में मधुर वाणी व सद्भाव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दूसरों को देख ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए एवं हर हालत में वाणी मधुर रखनी चाहिए। उन्होंने दत्तात्रेय की कथा में पृथ्वी की सहनशीलता एवं वायु, जल, भंवरा एवं अजगर आदि को गुरु मानने की कथाएं भी...
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