लोहरदगा, मार्च 20 -- लोहरदगा, संवाददाता। रामकली देवी सरस्वती शिशु मंदिर पावरगंज लोहरदगा में शुक्रवार को सरहुल पर्व बनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिंसिपल सुधा देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया गया।मौके पर आचार्य जनार्दन सिंह ने कहा कि सरहुल प्रकृति पर्व है। यह झारखंड का एक प्रमुख त्यौहार है। इस दिन साल वृक्ष की पूजा की जाती है। हम कल्याण, सुख-समृद्धि के लिए सरना माता की पूजा करते हैं।आचार्य सुधांशु कुमार ने कहा कि धरती हमें बहुत कुछ देती है। सरहुल धरती के प्रति सम्मान, आभार व्यक्त करने का त्यौहार है। इस समय पेड़-पौधों में नए-नए फूल पत्ते निकलते हैं। पाहन-पुजार पूजा अनुष्ठान के दौरान यह अनुमान लगाते हैं कि इस वर्ष वर्षा कैसी होगी और फसल उत्पादन कैसा होगा। आदिवासी समाज प्रकृति से जुड़ा है।स्कूली बच्चों ने पारंपरिक सरहुल नृत्य-गीत प्रस्तुत कि...