संभल, जुलाई 5 -- गुन्नौर तहसील के गैर आबाद गांव सुखैला में 71.55 हेक्टेयर रेतीली भूमि के फर्जी आवंटन मामले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे गंगा किनारे हुए पुराने भूमि आवंटनों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। राजस्व विभाग और पुलिस अब रजपुरा तथा गुन्नौर ब्लॉक के उन मामलों की भी पड़ताल कर रहे हैं, जिनमें ग्रामीणों के नाम पट्टे तो किए गए, लेकिन उन्हें आज तक जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। सूत्रों के अनुसार, सुखैला में जिस भूमि को अभिलेखों में कृषि योग्य दर्शाकर 162 लोगों के नाम आवंटित किया गया था, वह वास्तव में गंगा के कैचमेंट क्षेत्र की रेतीली और झाऊ भूमि थी। इस प्रकरण का खुलासा होने और तत्कालीन एसडीएम समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने ...