लखनऊ, फरवरी 11 -- एरा मेडिकल विवि में विशेषज्ञों ने कान्फ्रेंस को संबोधित किया लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। लेड (सीसा) का जहर मासूम और गर्भवती महिलाओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा है। लेड की वजह से खून की कमी, पेट में दर्द, गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क पर दुष्प्रभाव पड़ता है। लेड से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। स्कूल के शिक्षकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण की जरूरत है। जिससे वे बच्चों और अभिभावकों को लेड से होने वाले खतरों से अवगत करा सकें। लेड से होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके। यह बात लेडमैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध बेंगलुरु के सेंट जोंस मेडिकल कॉलेज में एमिरेट्स प्रो. डॉ. थुप्पिल वेंकटेश ने कही। वह बुधवार को एरा विश्वविद्यालय के सभागार में विवि के बायोकेमिस्ट्री विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय लेडकॉन 2026 को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. थुप्पिल वें...
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