सीवान, नवम्बर 9 -- इंट्रो: सीवान जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां गन्ना किसानों की एक बड़ी आबादी है। लेकिन वर्तमान में ये किसान गंभीर आर्थिक संकट और प्रशासनिक उदासीनता के कारण बदहाल स्थिति में हैं। उनकी समस्याएं केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि संरचनात्मक और नीतिगत भी हैं। गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। चीनी मिलें या तो भुगतान में देरी करती हैं या फिर बहुत कम दाम पर गन्ना खरीदती हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल के बढ़ते दामों ने किसानों की लागत बढ़ा दी है। लेकिन उनकी आय नहीं बढ़ रही, जिससे वे घाटे में जा रहे हैं। सीवान एक समय में चीनी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था। यहां की चीनी मिलों ने किसानों के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभायी थी। महाराजगंज, पचरुखी व सीवान की चीनी मिले...
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