सिद्धार्थ, अप्रैल 15 -- मिश्रौलिया, हिन्दुस्तान संवाद। खुनियांव क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में डंठल जलाने की प्रवृत्ति ने हालात को गंभीर बना दिया है। करौंदा खालसा, मिश्रौलिया खालसा, मिठौवा, धनगढ़वा, उड़वलिया, पटियापार, बारिकपार समेत आसपास के सीवानों में अब हर तरफ राख ही नजर आ रही है। जहां पहले पशुओं के लिए भरपूर चारा उपलब्ध रहता था, वहां अब सूखी जमीन और जली हुई घास बची है। किसानों द्वारा खेतों में बचे गेहूं के डंठलों को आग के हवाले करने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि छुट्टा और पालतू पशुओं के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। यह भी पढ़ें- संदिग्ध परिस्थितियों में सीवान में लगी आग, भूसा जला डंठलों के साथ-साथ प्राकृतिक घास और छोटे पौधे भी जलकर खत्म हो चुके हैं, जिससे पशुओं का मुख्य भोजन स्रोत समाप्त ह...