देहरादून, मई 5 -- देहरादून। कारगी में 68 एमएलडी और मोथरोवाला में 20-20 एमएलडी क्षमता के दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का कायदे से दोबारा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा। सीवर युक्त पानी को ट्रीट करने के बाद वापस रिस्पना और बिंदाल नदी में छोड़ दिया जाता है। जबकि इस पानी का इस्तेमाल सिंचाई और भवन निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकता है। जल संस्थान दक्षिण डिवीजन कारगी में जिस सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन करता है वह कारगी में नदी के किनारे बना है और इस समय इस प्लांट में शहरी क्षेत्र से करीब 30 एमएलडी क्षमता का सीवर प्राप्त हो रहा है। वहीं रिस्पना नदी पर जल संस्थान पित्थूवाला डिवीजन द्वारा संचालित दोनों एसटीपी 20-20 एमएलडी सीवर को ट्रीट करते हैं। जल संस्थान ने पानी के दोबारा इस्तेमाल के लिए इन तीनों जगह पर फिलिंग स्टेशन बनाए हैं। जहां पर करीब-क...