बलिया, मई 9 -- बलिया, संवाददाता। आपरेशन के दौरान महिला की मौत के बाद सील हुए अपूर्वा हॉस्पिटल को खोले जाने के विरोध में छात्र नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को डीएम दफ्तर पहुंचा। वहां सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर ज्ञापन दिया।छात्र नेता अविनाश सिंह नंदन ने आरोप लगाया कि सीएमओ की मिलीभगत के कारण विवादित अस्पताल को खोल दिया गया है। इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध है। आशंका जताई कि अधिकारी द्वारा जांच को भी प्रभावित किया गया होगा। नंदन के अनुसार सिटी मजिस्ट्रेट ने नर्सिंग होम खुल जाने के बारे में अनभिज्ञता जताई। सीएमओ कार्यालय फोन करने पर पता चला कि सीएमओ ने चोरी-चुपके कोई आदेश जारी किया है और उसके बाद अवकाश पर चले गए हैं। रितेश पांडेय ने कहा कि अधिकारी चाहें जितना प्रयास कर लें, हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। जल्द ही दोलन की अगली रणनीति तैयार कर सड़क पर ...