नई दिल्ली, जुलाई 7 -- नई दिल्ली, प्रसं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सितंबर 2008 में राजधानी हुए सीरियल ब्लास्ट से जुड़े एक मामले में सुनवाई का सामना कर रहे इंडियन मुजाहिदीन के एक संदिग्ध ऑपरेटिव को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इन ब्लास्ट में 26 लोगों की जान चली गई थी। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह एवं न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने आरोपी मंसूर असगर पीरभॉय की अपील खारिज कर दी। आरोपी ने अपनी अपील में करोल बाग में बम धमाकों से जुड़ी प्राथमिकी में तीसरी बार राहत देने से मना करने वाले सत्र अदालत के 19 जुलाई, 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। यह भी पढ़ें- यूएपीए में बंद अतहर को जमानत देने से इनकार पीठ ने कहा कि हालांकि पीरभॉय ने एक विचाराधीन कैदी के तौर पर काफी समय बिताया है, लेकिन जब दो गवाहों का जिरह अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में आरोपी को ...