रांची, मार्च 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के मानव विज्ञान एवं जनजातीय अध्ययन विभाग की ओर से झारखंड की पारंपरिक उपचार पद्धतियों और जनजातीय समुदायों के पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान पर अकादमिक चर्चा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11-12 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का विषय- झारखंड में पारंपरिक उपचार पद्धतियां, रखा गया है। संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और अकादमिक संगठनों से जुड़े विद्वान, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, औषधीय पौधों के उपयोग तथा लोक चिकित्सकों के अनुभव और ज्ञान को अकादमिक मंच प्रदान करना है, ताकि इस समृद्ध परंपरा के संर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.