रांची, अप्रैल 21 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन मंगलवार को हुआ। दूसरे दिन का मुख्य विषय- भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार और पाठ्यक्रम में भारतीयता का समावेश रहा, जिसमें देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ ज्योति नारायण वालिया ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्ति के समग्र विकास-शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, बौद्धिक और आध्यात्मिक-को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कोठारी आयोग से लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020, तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि नई शिक्षा...
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