गया, मई 6 -- समाज में श्रम के प्रति सम्मान, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह बातें दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कृषि एवं विकास संकाय द्वारा आयोजित "कृषि श्रमयोगी समरसता सहभोज" के दौरान कहीं। वासंतिक फसलों की प्रक्रियात्मक पूर्बल के अवसर पर सीयूएसबी परिसर में कृषि कार्य में लगे श्र्मयोगियों के सम्मान में श्रमिकों के साथ कृषि संकाय के शिक्षकों द्वारा समरसता भोज का आयोजन परिसर में किया गया। प्रो. सिंह ने कहा कि आज श्रम को नकारात्मक दृष्टि से देखने की प्रकृति को बढ़ावा मिल रहा है एवं युवा वर्ग भी श्रम से विमुख होता जा रहा है, जो कृषि के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। श्रम को प्रतिष्ठित करने एवं श्रमिकों को समता एवं मंमता का भाव जागृत करना ह...
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