नई दिल्ली।, सितम्बर 13 -- India-China: गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक संघर्ष के करीब सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति भारत आए थे। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान यहां उन्होंने ब्रक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी हुई। बैठक में सीमा विवाद को सुलझाने पर सहमति बनती दिखी। हालांकि, इसके बाद जब दोनों देशों के द्वारा आधिकारिक बयान जारी किए गए तो उनमें विरोधाभास दिखा।चीन का क्या है बयान? चीन ने अपने बयान में दोनों देशों से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने का आह्वान किया। ड्रैगन ने कहा कि उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखते हुए दोनों मोर्चों पर समानांतर और पारस्परिक रूप से मजबूत प्रगति की तलाश करनी चाहिए। इसका मतलब य...