बहराइच, अगस्त 4 -- मिहींपुरवा, संवाददाता। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष के प्रभावी समाधान और सीमा पार समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में मंगलवार को भारत-नेपाल ट्रांसबाउंड्री कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दोनों देशों के वन अधिकारियों, संरक्षण विशेषज्ञों और सुरक्षा बलों ने हिस्सा लिया। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने कहा कि सीमापार समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से इस संघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सकता है। दबीर हसन ने तराई आर्क लैंडस्केप में एशियाई हाथियों के संरक्षण और उनके पारंपरिक प्रवास मार्गों की सुरक्षा पर बल दिया। जबकि बर्दिया राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य वन संरक्षक डॉ. अशोक राम ने खाता कॉरिडोर में हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए साझा ...