सीबीएसई स्कूलों में दिखेगी हजारों साल पुरानी भारतीय खेल परंपरा
बरेली, मई 11 -- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और एनसीईआरटी ने कक्षा नौ के छात्रों के लिए शारीरिक शिक्षा को नई दिशा देते हुए खेल प्रवीण नामक पाठ्य पुस्तक लागू की है। इस पहल का उद्देश्य हजारों वर्ष पुरानी भारतीय खेल परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। नई पुस्तक में पारंपरिक भारतीय खेलों गतका, मल्लखंब, थांग-टा और कलारीपयट्टू को प्रमुखता से शामिल किया है। इन खेलों के माध्यम से न केवल शारीरिक दक्षता विकसित होगी, बल्कि छात्रों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना भी बढ़ेगी। यह कदम भारतीय ज्ञान व प्राचीन खेल परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही नहीं लगभग 3000 हजार साल पुराना कलारीपयट्टू है, जिसको शामिल किया जा रहा है। खेल प्रवीण केवल खेल गतिविधियों ...
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