प्रयागराज, फरवरी 21 -- उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती 2010 में धांधली की सीबीआई जांच के बीच इस भर्ती में चयनितों की पदोन्नति देने के मामले में प्रदेश सरकार ने महाधिवक्ता से राय मांगी है। 23 अपर निजी सचिवों को सीबीआई मुख्यालय में तलब कर पूछताछ करने और प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से धोखाधड़ी से नौकरी पाने वाले 32 अपर निजी सचिव के नाम का खुलासा करने के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने पदोन्नति मामले में चार फरवरी को महाधिवक्ता को पत्र लिखकर राय मांगी है। योगी सरकार ने 2017 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया था। सीबीआई ने अपर निजी सचिव (उत्तर प्रदेश सचिवालय) भर्ती, 2010 की प्रारंभिक जांच करने के बाद चार अगस्त 2021 को आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ, आयोग के...