नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक रामनीश और दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एसीपी वीके पांडे को दोषी ठहराए जाने के बाद सजा पर सुनवाई फिलहाल टाल दी है। दोनों दोषियों की ओर से समझौते का प्रस्ताव रखने के बाद अदालत ने इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शशांक नंदन भट्ट की अदालत ने सजा पर बहस के लिए मंगलवार का दिन तय किया है। शिकायतकर्ता पूर्व आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल ने समझौते के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें बिना शर्त माफी और मुआवजा शामिल है। अदालत ने बीते 18 अप्रैल को वर्ष 2000 में हुई छापेमारी और गिरफ्तारी के मामले में दोनों अधिकारियों को मारपीट, आपराधिक अतिक्रमण के आरोपों में दोषी ठहराया था। यह मामला 19 अक्तूबर 2000 की सुबह पूर्व आई...
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