गुड़गांव, फरवरी 28 -- गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम चुनाव बीते हुए करीब एक साल का समय होने को है, लेकिन प्रदेश की सबसे धनी नगर संस्था नगर निगम गुरुग्राम अभी भी बिना सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चल रही है। अब यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की दहलीज पर पहुंच गया है। गुरुग्राम निवासी रोहित मदान द्वारा दायर याचिका में सरकार और निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की धारा 71(2) का हवाला देते हुए कहा है कि मेयर और पार्षदों की अधिसूचना जारी होने के 60 दिनों के भीतर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना अनिवार्य है। आरोप है कि इन महत्वपूर्ण पदों के खाली होने के बावजूद निगम प्रशासन धड़ल्ले से समितियों का गठन कर रहा है। याचिका में विशेष रूप से वित्त एवं संविदा कमेटी...
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