मुरादाबाद, जून 14 -- ठाकुरद्वारा। ठाकुरद्वारा -जसपुर मार्ग स्थित ग्राम फैजुल्लागंज के खोखरा ताल पर प्राचीन शिव मंदिर में चल रहे भगवान श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे।

कथा व्यास का प्रवचन कथा व्यास बलराम दीक्षित ने माता सीता के स्वयंवर का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन चरित्र की विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मिथिला नरेश राजा जनक ने माता सीता के स्वयंवर के लिए भगवान शिव के दिव्य धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। अनेक राजा और वीर योद्धा इस चुनौती को पूरा नहीं कर सके, लेकिन गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष उठाकर उसे भंग कर दिया। इसके बाद माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में जयमाला पहनाकर उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।

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