सीता-राम एक ही ब्रह्म के दो रूप : रामभद्राचार्य
सीतामढ़ी, अप्रैल 23 -- सीतामढ़ी। पुनौरा धाम स्थित सीता प्रेक्षागृह में चल रही श्रीराम कथा मे गुरुवार को जगतगुरु रामभद्राचार्य ने सीताराम चरित का रसपान कराते हुए कहा कि राम और सीता एक ही ब्रह्म के दो रूप हैं, दोनों में कोई भेद नहीं, पूर्ण अभेद हैं। कथा में बिहार सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा तथा दिनेश चंद्र राय (कुलपति, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर) की उपस्थिति रही, जिनके वक्तव्यों ने कार्यक्रम को विशेष आयाम दिया। कथा का आरंभ वैदिक विधि-विधान से गुरु पूजन, चरण पादुका पूजन एवं व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। मुख्य यजमान जानकी नंदन पाण्डेय तथा दैनिक यजमान डॉ. वरुण कुमार के साथ शिवहर विधायक डॉ. श्वेता ने पूजा-अर्चना की। यह भी पढ़ें- मिथिला एक भू-भाग नहीं, भक्ति व प्रेम की भूमि है :रामभद्राचार्य इसके पश्चात भक्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.