हापुड़, मई 27 -- श्री रामलीला समिति (रजि.) हापुड़ द्वारा सनातन धर्म सभा में चल रही श्री विष्णु पुराण की कथा में पवनदेव चतुर्वेदी महाराज ने भगवान श्री राम जी के विवाह के पश्चात वन गमन की लीलाओं का दर्शन कराया। साथ ही रावण द्वारा सीता जी का हरण एवं शबरी का प्रसंग सुनाया, जिसे सुन भक्त भाव विभोर हो गए। कथा व्यास पवनदेव चतुर्वेदी ने बताया कि प्रथम मिलन श्री हनुमान जी महाराज का रामजी से हुआ और हनुमान जी महाराज ने दोनों राम जी और लक्ष्मण जी को अपने ऊपर उठाकर और सुग्रीव से मैत्री कराई और जानकी जी की खोज कर लंका दहन किया। भगवान श्री राम जी ने रामेश्वर भगवान का पूजन कर समुद्र पर सेतु की स्थापना के पश्चात चारों ओर लंका के चारों द्वारों को घेर लिया और रावण, कुंभकरण एवं मेघनाथ जैसे आतातही राक्षसों का वध किया। भगवान श्री राम जी पुनः अयोध्या लौटकर आए। ...