सीतामढ़ी, अप्रैल 24 -- सीतामढ़ी। सीता जन्मभूमि पुनौराधाम स्थित सीता प्रेक्षागृह में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन शुक्रवार को जगतगुरु रामभद्राचार्य ने सीताराम के ब्रह्म स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि माता सीता और भगवान राम दोनों परम ब्रह्म हैं और इनमें कोई भेद नहीं है। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान जानकी नंदन पाण्डेय द्वारा गुरुपूजन, चरण पादुका पूजन एवं व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इसके बाद संगीतमय टोली ने आज मुदित अवध नर नारी, सजनी चारों बहुओं में सिया सुकुमारी जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अपने प्रवचन में जगतगुरु ने कहा कि एक ही समय में अवध में राम और मिथिला के पुनौरा धाम में सीता प्रकट होकर लीला करती हैं। जब मनुष्य को ब्रह्म को जानने की जिज्ञासा हो जाती है, तब संसार की माया स्वतः छूटने लगती है। उ...