फर्रुखाबाद कन्नौज, अप्रैल 22 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। मुख्य विकास अधिकारी के बार बार आदेशों के बाद भी न तो खंड विकास अधिकारी और न ही निकायों के अधिशासी अधिकारी पांडुलिपि सर्वेक्षण को दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इससे अफसरों की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को लेकर भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी पांडुलिपियों और दुर्लभ ग्रंथों का वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण होना है। राष्ट्रीय पांडुलिपि संरक्षण के लिए नगरीय क्षेत्र में वार्ड वार और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जानी है और इसकी सूचना 25 अप्रैल से पहले ही भेजी जानी है। मुख्य विकास अधिकारी ने फिर से खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इस महत्वाकांक्षी मिशन को लेकर क्षेत्र में स्थित पुस्तक...