नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शुक्रवार को विधि पेशे के नैतिक दायित्वों पर जोर देते हुए नए 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' (एओआर) को एआई या अन्य बाहरी पक्षों से कानूनी कार्य कराने के खिलाफ चेतावनी दी। संविधान के अनुच्छेद-145 के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार, केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को शीर्ष अदालत में किसी पक्ष की ओर से पैरवी करने का अधिकार है जिन्हें 'एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड' के रूप में नामित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट वकीलों को एओआर के रूप में नामित करने से पहले उनकी परीक्षा आयोजित करता है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने नए एओआर को उनके प्रवेश समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि वे न केवल बार के सदस्य हैं बल्कि अदालत के औपचारिक 'अधिकारी' भी हैं, जिन पर अदालत उनकी कर्मठता के लिए बहुत अधिक निर्भर करती है और उन पर जताया...
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