आरा, जुलाई 10 -- आरा। छात्र संगठन आइसा ने एनईपी-2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में लागू सीजीपीए 7.5 की अनिवार्यता समाप्त करने और पीएचडी उपाधि पर पूर्व में मिलने वाले 30 एपीआई स्कोर को पुनः लागू करने की मांग को लेकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति के माध्यम से कुलाधिपति सह राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। यह भी पढ़ें- 4 वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स को लेकर बड़ी उलझन, 7.5 CGPA से कम अंक वालों के लिए कोई वैकल्पिक सिलेबस नहींज्ञापन की मांग प्रतिनिधिमंडल आइसा के जिला सचिव जयशंकर प्रसाद के नेतृत्व में मिला। ज्ञापन में कहा गया है कि एनईपी-2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम कर रहे छात्रों के लिए सीजीपीए 7.5 की अनिवार्यता छात्र हितों के विपरीत है। संगठन ने मांग की कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पूरा करने वाले...