लखनऊ, अप्रैल 16 -- सीटीजी मशीन से भ्रूण के ह्दय की गति पता चलेगी क्वीनमेरी में सीटीजी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआलखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।यूपी में 60 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाएं प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में इलाज कराती हैं। यदि सीएचसी में कार्डियोटोकोग्राफी (सीटीजी) मशीन का नियमित उपयोग शुरू हो जाए, तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सकती है। यह जानकारी नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने दी।गुरुवार को केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) के सभागार में एनएचएम की तरफ से रीजनल रिसोर्स ट्रेनिंग सेंटर (आरआरटीसी) के अंतर्गत सीटीजी प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। यह भी पढ़ें- नई तकनीक के उपचार से नवजात मृत्यु दर में आएगी कमी एनएचएम निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने कहा कि सीटीजी एक सुरक्षि...