सीखने की चाह ने उम्र को हराया, सात बुजुर्ग बने छात्र
उरई, मई 19 -- जालौन(उरई)। संवाददाता कहा जाता है कि 'पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती'। जिले के सात बुजुर्गों ने इस बात को सच कर दिखाया है। बच्चों के साथ स्कूल पहुंचकर इन बुजुर्गों ने पढ़ाई शुरू कर दी है। शिक्षा के प्रति उनकी लगन और सीखने की चाह अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि जालौन की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह की पहल पर निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान शुरू किया गया है। इस पहल के तहत ग्राम छानी खास में पांच और शेखपुर बुजुर्ग में दो बुजुर्गों का प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराया गया है।उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो अब तक निरक्षर हैं। ताकि वे बैंक और अन्य जरूरी कामों में अंगूठा लगाने के बजाय हस्ताक्षर कर सकें और ...
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